अल्लाह के यहाँ घमंड की माफ़ी नहीं
सुफ़यान सौऱी (रह॰) ने कहा: "जो गुनाह मन की इच्छा से मजबूर होकर होता है, उसकी माफ़ी की उम्मीद रहती है। लेकिन जो गुनाह घमंड से होता है, उसकी माफ़ी की उम्मीद नहीं। क्योंकि इब्लीस का गुनाह घमंड से था और आदम की ग़लती इच्छा से थी।
आदम को तौबा के बाद माफ़ कर दिया गया, लेकिन इब्लीस हमेशा के लिए रहमत से दूर कर दिया गया।" (नसाइहुल-इबाद, इब्न हजर अस्क़लानी, बाबुस्सनाई, पृ॰ 11)
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