अपनी कमज़ोरी
रॉबर्ट एम्मियन (Robert Emmiyan) रूस के प्रसिद्ध एथलीट हैं। उन्हें लंबी कूद के चैंपियन (Top Long-Jumper) के रूप में जाना जाता है। वे 15 फरवरी 1965 को पैदा हुए और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल जीतकर असाधारण शोहरत हासिल की।
एक भारतीय पत्रकार श्री वी. कृष्णास्वामी ने रॉबर्ट एम्मियन का विस्तृत इंटरव्यू लिया। यह इंटरव्यू टाइम्स ऑफ इंडिया (5 अप्रैल 1988) में प्रकाशित हुआ। श्री कृष्णास्वामी ने रॉबर्ट से पूछा कि अंतरराष्ट्रीय खेलों में सफलता पाने के लिए आप क्या करते हैं। रॉबर्ट एम्मियन ने जवाब दिया:
"The most important is to get rid of the defects which prevent me from improving my performance. My coach and I know that I have reserves which we must put to use."
(सबसे महत्वपूर्ण है अपनी उन कमज़ोरियों को दूर करना, जो मेरी प्रदर्शन क्षमता को बेहतर बनाने में बाधा डालती हैं। मेरे कोच और मैं दोनों जानते हैं कि मुझमें छुपी हुई क्षमताएं हैं, जिन्हें हमें उपयोगी बनाना है।)
रॉबर्ट एम्मियन ने खेल में सफलता का जो राज़ बताया, वही ज़िंदगी में सफलता का भी राज़ है। जीवन के संघर्ष में जब कोई व्यक्ति असफल होता है, तो वह अपनी ही कमज़ोरियों के कारण असफल होता है। अपनी आंतरिक कमज़ोरियों को पहचानना और उन्हें दूर करके बेहतर तैयारी के साथ आगे बढ़ना ही सफलता का मूल मंत्र है।
इस दुनिया में जो भी व्यक्ति सफल होता है, वह इस शर्त को पूरा करके ही सफल होता है। और जो असफल होता है, वह इसलिए असफल होता है कि वह इस शर्त को पूरा नहीं कर सका। असफल वह है, जो अपनी पूरी क्षमताओं का इस्तेमाल करने में नाकाम रहे, और सफल वह है, जो अपनी पूरी क्षमताओं का इस्तेमाल करने में सफल हो जाए।
