सुधार के लिए उपयुक्त वातावरण

हज़रत अबू हुरैरा से रिवायत है कि रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फ़रमाया, जब रमज़ान के महीने की पहली रात आती है, तो शैतानों और भटकाने वाले ज़्यादा बुरे जिन्नों को क़ैद कर दिया जाता है, और जहन्नम के दरवाज़े बंद कर दिए जाते हैं, उसका कोई भी दरवाज़ा खुला नहीं रहता। जन्नत के दरवाज़े खोल दिए जाते हैं, उसका कोई भी दरवाज़ा बंद नहीं किया जाता। एक पुकारने वाला पुकारता है भलाई के चाहने वाले, आगे बढ़, और बुराई के चाहने वाले, रुक जा। और अल्लाह लोगों को जहन्नम से आज़ाद करता है, और ऐसा हर रात होता है। (सुनन अल-तिर्मिज़ी, हदीस संख्या 689)

इस हदीस में एक विशेष शैली में यह स्पष्ट किया गया है कि रमज़ान का महीना अपने अमल के दृष्टिकोण से रोज़ेदारों के लिए आत्म-सुधार के अनुकूल वातावरण तैयार करता है। जो लोग इस माहौल से वास्तविक अर्थों में लाभ उठाते हैं, वे अल्लाह की रहमत से जन्नत के निकट हो जाते हैं और जहन्नम से दूर। उनका ऐसा व्यक्तित्व बन जाता है, जो उन्हें रमज़ान की बरकतों को पाने के क़ाबिल बना देता है।

रमज़ान के महीने में क़ुरआन पर सबसे अधिक चर्चा होती है। रमज़ान में अल्लाह की याद और अल्लाह की इबादत में बढ़ोतरी हो जाती है। रमज़ान के महीने में कम खाना, कम सोना, भौतिक चीज़ों में कम से कम उलझनाइस तरह की बातें रमज़ान में बड़े पैमाने पर दीन के अनुकूल वातावरण बना देती हैं। इस वातावरण का वास्तविक लाभ उन्हीं लोगों को मिलता है जो इस अवसर को अपने सुधार के लिए इस्तेमाल करते हैं। रमज़ान का यह लाभ किसी को उसकी अपनी क्षमता के आधार पर मिलता है, कि किसी महीने की रहस्यमय श्रेष्ठता के आधार पर।

Maulana Wahiduddin Khan
Share icon

Subscribe

CPS shares spiritual wisdom to connect people to their Creator to learn the art of life management and rationally find answers to questions pertaining to life and its purpose. Subscribe to our newsletters.

Stay informed - subscribe to our newsletter.
The subscriber's email address.

leafDaily Dose of Wisdom

Ask, Learn, Grow

Your spiritual companion