सादा उसूल
मारिया टालचीफ (Maria Tallchief, b. 1925) अमेरिका की एक प्रसिद्ध महिला कलाकार हैं। उन्होंने सफल कलाकार बनने का एक सादा सिद्धांत बताया है। हालांकि यह सिद्धांत केवल कलाकारों के लिए नहीं है, बल्कि हर क्षेत्र में काम करने वाले व्यक्ति के लिए है। वह सिद्धांत है:
“See more, be more.”
(ज़्यादा देखो और ज़्यादा बन जाओ।)
जिज्ञासा (curiosity) हर तरक्की की आत्मा है। व्यक्ति को चाहिए कि वह हमेशा कुछ और जानने की कोशिश करे। वह ज़्यादा देखे, ज़्यादा सुने, और सवाल पूछकर अपनी जानकारी में इज़ाफा करे। जितनी अधिक जानकारी होगी, उतनी ही ज़्यादा तरक्की उसके हिस्से में आएगी। और ज़्यादा जानकारी उसी व्यक्ति को मिलती है, जो हमेशा सीखने और जानने की कोशिश में लगा रहता है।
अधिकतर लोग अपनी अज्ञानता (ignorance) से अनजान रहते हैं। वे न जानते हुए भी यह मानते हैं कि वे सब कुछ जानते हैं। यह मानसिकता किसी भी व्यक्ति के लिए घातक है। ऐसा व्यक्ति वास्तव में अज्ञानी होता है, लेकिन वो खुद को विद्वान समझता है। वह नासमझ होता है, लेकिन खुद को बुद्धिमान मान लेता है। ऐसा व्यक्ति भले ही खुद को क़ीमती समझे, लेकिन बाहरी दुनिया के नज़र में उसकी कोई क़ीमत नहीं होती।
सबसे अच्छा यह है कि व्यक्ति खुद को “विद्यार्थी” माने और हमेशा विद्यार्थी बना रहे। ज्ञान की तलाश में कभी न थके। उसके लिए सबसे खुशी का पल वह हो, जब वह कोई नई चीज़ सीखे या उसकी जानकारी में कोई नई बात जुड़ जाए।
जो व्यक्ति ज़्यादा सीखेगा, वह इस दुनिया में ज़्यादा सफल होगा। बुद्धि बढ़ने से इंसान के काम करने की ताकत बढ़ जाती है। बुद्धि का विकास एक आम व्यक्ति को खास बना देता है।
इस दुनिया में जानकारी की कोई सीमा नहीं है। इसलिए जानकारी बढ़ाने की भी कोई सीमा नहीं हो सकती। व्यक्ति को हमेशा खुद को “अज्ञानी” मानना चाहिए ताकि उसकी सीखने की चाहत कभी खत्म न हो।
