ज़िन्दगी का राज़
बिल काज़बी एक अफ्रीकी मूल के अमेरिकी नागरिक है। वह 1937 में एक ग़रीब ख़ानदान में पैदा हुआ। शुरू में वह मुश्किल से एक हज़ार डालर सालाना कमाता था। आज उसकी सालाना आमदनी कई मिलियन डालर तक पहुंच चुकी है। गोरे अमेरिका में एक काले शख़्स को यह ग़ैर-मामूली कामयाबी कैसे हासिल हुई? जवाब यह है कि तालीम और सूझबूझ भरी जिद्दोजहद के ज़रिए। बिल काज़बी फ़्लाडालफ़िया के एक स्कूल में पांचवीं ग्रेड में था। वह स्कूल में अक्सर तमाशे किया करता था और पढ़ाई पर ज़्यादा ध्यान नहीं देता था। उसकी टीचर मिस नैजल (Miss Nagle) ने एक दिन उससे कहा कि अगर तुम जौकर बनना चाहते हो तब भी तुम्हे ऊंची तालीम हासिल करनी चाहिए। तालीम के बग़ैर तुम किसी भी मैदान में तरक़्क़ी नहीं कर सकते (स्पान, जनवरी 1987)।
बिल काज़बी ने इस नसीहत को पकड़ लिया। उसने पढ़ाई में मेहनत शुरू कर दी। यहां तक कि उसने एजूकेशन में डाक्टरेट कर लिया। उसके बाद उसने तफ़रीही प्रोग्रामों में हिस्सा लेना शुरू किया।
आख़िरकार उसको टेलीविज़न प्रोग्राम मिलने लगे। आज वह अमेरिका का सबसे मशहूर कामेडियन (comedian) है। बिल काज़बी शो (Bill Cosby Show) अमरीकी टेलीविज़न का सबसे महंगा प्रोग्राम होता है। दूसरे बहुत से अमरीकियों के उलट उसने नस्ली भेदभाव की बातें करने से परहेज़ किया। उसने अपनी कहानियां वैश्विक घटनाओं पर बनाईं जो तमाम लोगों के लिए समझने में आसान हो सकेंः
Unlike many other black comedians, he avoided racial nuances and drew his stories from universal experiences that could be understood by all. Span, January 1987.
अमरीकी लोग आमतौर पर काले लोगों को पसंद नहीं करते। मगर वे बिल काज़बी के प्रोग्राम को निहायत शौक़ के साथ देखते हैं। बिल काज़बी ने गोरे लोगों की रिआयत की तो गोरे लोगों ने भी बिल काज़बी की रिआयत करना शुरू कर दिया। अगर आप चाहते हैं कि दूसरे आप में दिलचस्पी लें तो आप भी दूसरों में दिलचस्पी लेना शुरू कर दीजिए। और इसके बाद आपको किसी से शिकायत नहीं होगी।
