बड़ा दिल
लिंडन बी. जॉनसन (Lyndon B. Johnson) अमेरिका के 36वें राष्ट्रपति थे। उनका जन्म 1908 में हुआ और 1973 में निधन हुआ। वे अमेरिका को एक महान समाज (Great Society) बनाना चाहते थे और इसके लिए उन्होंने कई सुधार किए। उन्हीं में से एक था प्रवास (Immigration) के क़ानून में बदलाव।
जॉनसन ने शिक्षा और ज्ञान को सबसे अधिक महत्व दिया। उनका कहना था —“अमेरिका के भविष्य की सारी उम्मीदें शिक्षा पर आधारित हैं।”
(Learning is basic to our hopes for America.)
उस समय अमेरिका में बाहरी लोगों का स्वागत तो होता था, लेकिन सफेद और काले विशेषज्ञों के लिए नियम अलग-अलग थे। सफेद लोगों के लिए कानून नरम थे, जबकि काले लोगों के लिए बहुत सख्त थे। इस वजह से अमेरिका बहुत से योग्य लोगों की प्रतिभा से वंचित रह जाता था।
सत्ता में आने के बाद 1965 में जॉनसन ने इमिग्रेशन क़ानून बदल दिया। उन्होंने काले लोगों के आने पर लगी कानूनी पाबंदियाँ हटा दीं और कहा—“हमें लोगों की काबिलियत चाहिए, उनकी चमड़ी नहीं।”
(We need their skills and not their skins.)
यह एक मिसाल है जिससे पता चलता है कि इस दुनिया में बड़ी तरक्की पाने के लिए इंसान को क्या-क्या करना पड़ता है। वह यह है कि वह लोगों की योग्यता देखे और बाकी सभी पहलुओं को नज़रअंदाज़ कर दे। जिनका ध्यान दूसरे पहलुओं में उलझा रहता है, वे कभी योग्य लोगों को अपने आसपास इकट्ठा नहीं कर सकते।
बड़ी सफलता के लिए बड़ा ज़र्फ (दिल) चाहिए होता है। सफलता का असली नियम एक वाक्य में है—जितना बड़ा ज़र्फ (दिल), उतनी बड़ी कामयाबी।
