हज और इत्तेहाद
हज का एक पहलू इस्लामी इत्तेहाद है। हज के मौक़े पर तमाम दुनिया के मुसलमान एक जगह पर इकट्ठा होते हैं और एक साथ हज के मरासिम (विधियाँ) अदा करते हैं। हज पूरी दुनिया के मुसलमानों का दीनी इज्तिमा है। इस सिलसिले में क़ुरआन की कुछ आयतों पर ग़ोर कीजिए:
“और जब हमने अल्लाह के घर को लोगों के इज्तिमा की जगह और अमन का मक़ाम बना दिया।” (2:125)
“बेशक पहला घर जो लोगों के लिए बनाया गया वह वही है जो मक्का में है, बरकत वाला और सारे जहाँ के लिए हिदायत का मरकज़।” (3:96)।
“अल्लाह ने काबा, आदर वाले घर को लोगों के लिए ज़िन्दगी की बेहतरी का ज़रिया बनाया।” (5:97)।
