ख़त्म-ए-नबुवत
क़ुरआन के मुताबिक़, ख़ुदा ने आपको नबियों के ‘ख़ातिम’ (33:40) की हैसियत से मबऊस फ़रमाया है। दूसरे अंबिया सिर्फ़ अल्लाह के रसूल थे और आप अल्लाह के रसूल होने के साथ ख़ातम-ए-नबीय्यीन भी हैं। पैग़ंबर-ए-इस्लाम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के ख़ातम-ए-नबीय्यीन होने का एक पहलू यह है— सीधे तौर से पैग़ंबर की ज़ात के ज़रिए दावत के दौर का ख़ात्मा और पैग़ंबर के मानने वालों के ज़रिए दावती अमल का आग़ाज़।
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