ख़बरनामा इस्लामी मर्कज़—284
23 और 24 नवंबर, 2024 को निज़ामुद्दीन वेस्ट में सी०पी०एस० इंटरनेशनल के नए सेंटर का उद्घाटन हुआ। इस अहम मौक़े पर हिंदुस्तान और बैरून-ए-मुल्क से सी०पी०एस० के मेंबरान ने शिरकत की। सी०पी०एस० के मिशन और मक़सद पर रोशनी डाली गई और बानी-ए-मिशन मौलाना वहीदुद्दीन ख़ान साहब की ज़िंदगी और ख़िदमात को याद किया गया। डॉ. फ़रीदा ख़ानम, डॉ. सानियसनैन ख़ाँ, डॉ. रजत मल्होत्रा, मिस्टर नवदीप कपूर, मिस्टर ख़ुर्रम क़ुरैशी, मिस्टर फ़राज़ ख़ान, मिस्टर विक्रांत डागर, मिस्टर मूनिस इक़बाल और मिस स्तुति मल्होत्रा (नई दिल्ली), मोहतरमा फ़ातिमा सारा (बैंगलोर), मौलाना सैयद इक़बाल उमरी (तमिलनाडु), मौलाना फ़याज़ुद्दीन उमरी (गुलबर्गा), मौलाना शम्सुद्दीन नदवी (भोपाल), मिस्टर असद परवेज़ (अमेरिका), मिस्टर साजिद अनवर (यूएई), अबदुस्समद साहब (पुणे), हाफ़िज़ अबुल हकम दानियाल (पटना), डॉ. मुहम्मद असलम ख़ान (सहारनपुर), मिस्टर मुहम्मद अब्दुल्लाह (कोलकाता), मिस्टर हमीदुल्लाह हमीद और मिस्टर आमिर मोरी (कश्मीर), मिस्टर सलीम वानी (राजोरी), अय्याज़ साहब (जमशेदपुर), मोहतरमा फ़हमीदा ख़ानम (फ़ैज़ाबाद) और उनकी टीम के लोगों ने शिरकत की। इस मौक़े पर मौलाना वहीदुद्दीन ख़ान की किताबों के अंग्रेज़ी और दीगर नेशनल और इंटरनेशनल ज़बानों में तर्जुमे-शुदा किताबें भी रिलीज़ की गईं, जिनकी तादाद 41 थी। मसलन— God and the Universe (तर्जुमा : ख़ुदा की दरियाफ़्त), The Issue of Blasphemy (तर्जुमा : श़त्म-ए-रसूल का मसला) और Shared Wisdom वग़ैरह। इस प्रोग्राम से तमाम शुरका मारिफ़त-ओ-दावत की जद्दोजहद के लिए नया अज़म लेकर वापस हुए।
इस उद्घाटन समारोह में एक निहायत अहम चीज़ रिलीज़ की गई— सी०पी०एस० चैटबोट (सी०पी०एस० Chatbot)। यह चैटबोट मौलाना वहीदुद्दीन ख़ान की किताबों और उनकी क़ुरआन की तफ़्सीर और तर्ज़ुमे की बुनियाद पर तैयार किया गया है। इस्लाम, रूहानियत, अमन और ज़िंदगी के चैलेंजेज के बारे में सवाल करें और यह चैटबोट आपको मौलाना वहीदुद्दीन ख़ान साहब के साहित्य पर आधारित जवाब देगा। इस चैटबोट को इस्तेमाल करने के लिए नीचे दिए गए लिंक में से कोई लिंक क्लिक करें—
Whatsapp: https://wa.me/+917304285608
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वज़ाहत : यह चैटबोट अभी आज़माइशी मरहले में है। अगर किसी सवाल का जवाब दुरुस्त नहीं हो या आपके पास इस बोट को बेहतर बनाने की कोई तजवीज़ हो, तो बराह-ए-करम हमें इस ईमेल पर इत्तिला करें— [email protected]
4 से 6 अक्टूबर, 2024 को मालेगाँव में एक सी०पी०एस० मीट रखी गई। इस मीट में महाराष्ट्र से ताल्लुक़ रखने वाले 18 सदस्य शरीक हुए। वहाँ उन्होंने आपस में मारिफ़त बेस्ड इंटरएक्शन किया और दावत के काम को कैसे आगे बढ़ाया जाए, इस पर ग़ौर-ओ-फ़िक्र किया। तमाम सदस्यों ने ख़ुदा के काम के लिए नई स्पिरिट के साथ आगे बढ़ने का अज़म किया।
डॉ. मुहम्मद असलम ख़ान (सी०पी०एस० सहारनपुर) ने इत्तिला दी है कि 16 नवंबर, 2024 को चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने सहारनपुर के होटल Oasis में एक एजुकेशनल प्रोग्राम का आयोजन किया। इस मौक़े पर डॉ. मुहम्मद असलम ख़ान भी मदऊ किए गए थे। उन्होंने तमाम मुअज़्ज़िज़ मेहमानों के दरमियान अंग्रेज़ी और हिंदी तर्जुमा-ए-क़ुरआन और दीगर किताबें बतौर तोहफ़ा तक़सीम कीं।
कैप्टन ख़ुर्रम क़ुरैशी, जो इस वक़्त एयर इंडिया में ख़िदमात अंजाम दे रहे हैं, बैरून-ए-मुल्क सफ़र करते रहते हैं और सी०पी०एस० इंटरनेशनल की आइडियोलॉजी से लोगों को मुतार्रिफ़ कराते हैं। मसलन 24 अक्टूबर, 2024 को उन्होंने नैरोबी (केन्या) में मुस्तफ़ा साहब और उनकी टीम से मुलाक़ात की। वे एक बड़ी मस्जिद के ट्रस्टी हैं। इस मिशन के बारे में सुनकर वे लोग बहुत ख़ुश हुए। स्वाहिली ज़बान में तर्जुमा-ए-क़ुरआन को देखकर उनकी ख़ुशी बहुत ज़्यादा बढ़ गई, क्योंकि स्वाहिली ज़बान में इतनी अच्छी ज़बान और तबाअत (printing) के साथ कोई तर्जुमा-ए-क़ुरआन मौजूद नहीं है। इसके बाद वे लोग ख़ुर्रम क़ुरैशी साहब को ‘एडम्स दावत सेंटर’ ले गए, जो वहाँ का एक मशहूर दावती इदारा है। इसी के साथ दीगर इस्लामी तंज़ीमों के ऐसे अफ़राद से भी राब्ता करवाया, जो वहाँ दावती काम कर रहे हैं। तमाम लोगों ने निहायत शौक़ से सी०पी०एस० मिशन से मुताल्लिक़ मालूमात हासिल कीं। वे सी०पी०एस० मिशन और स्वाहिली क़ुरआन से काफ़ी मुतास्सिर हुए।
11 अगस्त, 2024 को जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी के तलबा ने सी०पी०एस० इंटरनेशनल के क़ुरआन हॉल, सी०पी०एस० सेंटर, नई दिल्ली में प्रेजेंटेशन पेश की। उनके उनवान ये थे— सी०पी०एस० इंटरनेशनल और इसके बानी मौलाना वहीदुद्दीन ख़ान की शख़्सियत का तजज़िया, मौलाना वहीदुद्दीन ख़ान की तहरीरों की रोशनी में इस्लाम और आलमी अमन, मौलाना वहीदुद्दीन ख़ान की तहरीरों की रोशनी में ख़ुदा के तख़्लीक़ी मंसूबे का तारुफ़। प्रोग्राम के बाद तलबा ने कहा कि उन्हें सी०पी०एस० और मौलाना साहब की ख़िदमात के बारे में बहुत कुछ सीखने को मिला। यह प्रोग्राम तलबा के तालीमी प्रोजेक्ट्स का हिस्सा था, जिसके लिए जामिया हमदर्द के शोबा इस्लामिक स्टडीज़ ने सी०पी०एस० इंटरनेशनल से दरख़्वास्त की थी और मुस्तक़बिल में भी सी०पी०एस० इंटरनेशनल के तआवुन से वे अपने तलबा के लिए इस तरह का प्रोग्राम रखना चाहते हैं। तमाम शुरका को तर्जुमा-ए-क़ुरआन के साथ मौलाना वहीदुद्दीन ख़ान साहब की किताबों का एक-एक सेट दिया गया।
डॉ. रिको, जो एक जापानी स्कॉलर हैं और मौलाना वहीदुद्दीन ख़ान साहब की आइडियोलॉजी पर जापान में रिसर्च कर रही हैं, वे
9 अगस्त, 2024 को सी०पी०एस० सेंटर तशरीफ़ लाईं और उर्दू मैगज़ीन ‘अल-रिसाला’ और अंग्रेज़ी मैगज़ीन ‘स्पिरिट ऑफ़ इस्लाम’ के हवाले से सी०पी०एस० इंटरनेशनल की चेयरपर्सन डॉ. फ़रीदा ख़ानम का इंटरव्यू लिया। आख़िर में उन्हें सी०पी०एस० की किताबों का एक सेट दिया गया।
14-15 सितंबर, 2024 को सी०पी०एस० इंटरनेशनल (बंगाल चैप्टर) ने कोलकाता में एक अमन कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस कॉन्फ्रेंस का मक़सद यह था कि बंगाली ज़बान और कल्चर से ताल्लु़क रखने वाले लोगों की बड़ी तादाद जो मौलाना साहब को जानती और पढ़ती है, वह उनकी फ़िक्र को आगे बढ़ाए यानी स्पिरिचुअलिटी, अमन और मंसूबा-ए-तख़्लीक़ से तमाम इंसानों को आगाह करना। पश्चिमी बंगाल के विभिन्न ज़िलों से तक़रीबन 90 अफ़राद ने इसमें शिरकत की। प्रोग्राम का उद्घाटन सी०पी०एस० की चेयरपर्सन डॉ. फ़रीदा ख़ानम के पैग़ाम से हुआ, जो उन्होंने रिकॉर्ड करके भेजा था। दूसरे प्रोग्रामों के अलावा मीडिया के ज़रिए सी०पी०एस० के पैग़ाम को आम करने के मौज़ू पर एक ख़ुसूसी सेशन भी आयोजित हुआ। इसके अलावा क़ुरआन स्टडी, डॉ. सानियसनैन ख़ान और डॉ. राजत मल्होत्रा के ज़रिए मारिफ़त और दावत के मुद्दे पर वीडियो पैग़ाम भी सुनाए गए। कॉन्फ्रेंस का इख़्तिताम मौलाना वहीदुद्दीन ख़ान की तक़रीर ‘आख़िरी पुकार’ के ज़रिए किया गया। इस प्रोग्राम में शरीक होने वाले तमाम शुरका मिशन को आगे बढ़ाने के जज़्बे के साथ रुख़्सत हुए।
5 सितंबर, 2024 को कोलकाता में सी०पी०एस० की मेंबर मिस शबीना अली को ‘मिशनरीज़ ऑफ़ चैरिटी’ के एक अलग-अलग मज़हब के लोगों की दुआ के प्रोग्राम में बुलाया गया और ‘Pilgrims of Hope’ के मौज़ू पर ख़िताब करने के लिए कहा गया। उन्होंने अपनी तक़रीर में मौलाना वहीदुद्दीन ख़ान साहब का ज़िक्र किया और मौज़ू से मुताल्लिक़ ख़्यालात शेयर किए। यह तक़रीर हाज़िरीन और पैनल के शुरका को बहुत पसंद आई। बाद में फ़ादर रोज़ारियो
(Fr. Rosario) ने उन्हें यह पैग़ाम भेजा कि बराहे करम कल की अपनी तक़रीर भेजें। मैं चाहता हूँ कि इसे अपने हफ़्तावार अख़बार में शाए करूँ। यह बहुत उम्दा है और इस क़ाबिल है कि दूसरे लोग भी इसे पढ़ें। प्रोग्राम के बाद उन्होंने तमाम शुरका के दरमियान सी०पी०एस० का दावती लिटरेचर तक़सीम किया।
8 सितंबर, 2024 को विद्या ज्योति कॉलेज ऑफ़ थियोलॉजी नई दिल्ली के फ़ादर विक्टर की क़ियादत में ईसाई प्रीस्ट की तर्बियत हासिल करने वाले तलबा का एक वफ़्द सी०पी०एस० सेंटर (नई दिल्ली) आया। यह एक इंटरफेथ मुलाक़ात थी। उन्होंने इस्लाम और मौजूदा दौर के हवाले से सी०पी०एस० इंटरनेशनल के मेंबर्स के साथ तबादला-ए-ख़्याल किया। प्रोग्राम के बाद तमाम लोगों को अंग्रेज़ी तर्जुमा-ए-क़ुरआन और दूसरे दावती लिटरेचर दिए गए।
5 अक्टूबर, 2024 को डॉ. रजत मल्होत्रा ने सी०पी०एस० इंटरनेशनल की नुमाइंदगी करते हुए पुरानी दिल्ली में मुस्लिम नौजवानों के एक इज्तिमे से ख़िताब किया। उनकी तक़रीर का मौज़ू ख़ुदा की मोहब्बत और ख़ुदा का ज़िक्र था। वे हर महीने इन नौजवानों से किसी एक इस्लामी मौज़ू पर ख़िताब करते हैं और फिर सवाल-ओ-जवाब का सेशन होता है।
18 मई, 2024 को मस्जिद इब्राहीम के मेंबरान ने ‘ईद मिलन’ का प्रोग्राम आयोजित किया था। इस मौक़े पर कामठी और नागपुर की मुअज़्ज़िज़ और ज़िम्मेदार शख़्सियतों को म़दऊ किया गया था। शुरका में से ज़्यादातर लोग मराठी और हिंदी बोलने वाले थे। मेहमानों के साथ ‘इस्लाम में अमन की तरक़्क़ी’ के मौज़ू पर बातचीत हुई और सी०पी०एस० की जानिब से हिंदी, मराठी और अंग्रेज़ी ज़बानों में अमन से मुताल्लिक़ लिटरेचर तमाम मेहमानों को बतौर गिफ्ट दिए गए। तमाम शुरका ने इसे काफ़ी सराहा और इसे समाजी भाईचारे की जानिब एक मुसबत क़दम क़रार दिया।
सी०पी०एस० इंटरनेशनल के मेंबरान शादी के मौक़े को भी दावती काम के लिए इस्तेमाल करते हैं। मसलन— 30 सितंबर, 2024 को सी०पी०एस० रायचूर चैप्टर के मेंबर अमजद अहमद की बेटी की शादी की तक़रीब थी। इस मौक़े पर तर्जुमा-ए-क़ुरआन और दावती लिटरेचर तमाम मेहमानों के बीच तक़सीम किए गए। इस काम में फ़याज़ुद्दीन अमरी (कलबुर्गी) और अब्दुल सलाम उमरी (हैदराबाद) ने भी हिस्सा लिया। अंग्रेज़ी, कन्नड़, तेलुगु और उर्दू ज़बानों में तर्जुमा-ए-क़ुरआन के नुस्ख़े रखे गए थे। लोगों का रेस्पॉन्स बहुत अच्छा रहा (ज़हीरुद्दीन ख़्वाजा, रायचूर टीम)।
सी०पी०एस० लेडीज़ टीम की मिस फ़हमिदा ख़ान ने ख़बर दी कि 3 दिसंबर, 2024 को उन्होंने अयोध्या में एक क़रीबी रिश्तेदार की शादी में शिरकत की और वहाँ सी०पी०एस० इंटरनेशनल की किताबों की तक़सीम के लिए एक स्टॉल लगाया। दावत-ए-वलीमा में शिरकत करने वाले लोगों ने ख़ुशी और ताज्जुब के साथ इसे देखा। किसी ने कहा, “आपका स्टॉल इस शादी की सबसे दिलचस्प जगह बन गया है।” लोग यह जानकर हैरान थे कि किताबें फ्री में अवेलेबल हैं। कुछ लोगों ने वहीं बैठकर इन किताबों को पढ़ना शुरू कर दिया और बताया कि ये किताबें दीगर दीनी किताबों के मुक़ाबले बहुत आसान और क़ाबिल-ए-फ़हम हैं। सुप्रीम कोर्ट के एक वकील साहब ने तब्सिरा किया, “अयोध्या में इस तरह से स्पिरिचुअल किताबें तक़सीम करना वाक़ई हैरान करने वाला है।” बहुत से लोगों ने यह तरीक़ा पसंद किया और ख़ुशी-ख़ुशी किताबें लेकर गए।
2024 में हिंदुस्तान में मुख़्तलिफ़ मुक़ामात पर बुक फेयर हुए। मसलन— श्रीनगर चनार किताब मेला (17 से 25 अगस्त), लखनऊ बुक फेयर (27 सितंबर से 6 अक्टूबर), औरंगाबाद बुक फेयर
(15 से 22 दिसंबर)। मौलाना सैयद इक़बाल अहमद उमरी और मिस्टर आसिफ़ ख़ान ने लोकल टीम सी०पी०एस० के तआवुन से उन बुक फेयर के स्टाल का इंतज़ाम सँभाला। हैदराबाद बुक फेयर (19 से 29 दिसंबर); पुरुलिया, पश्चिम बंगाल बुक फेयर (24 से 30 दिसंबर), चेन्नई बुक फेयर (27 दिसंबर, 2024 से 12 जनवरी, 2025); विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश, बुक फेयर (2-12 जनवरी, 2025)। इनका इंतज़ाम सी०पी०एस० इंटरनेशनल की रीजनल टीमों ने सँभाला। बिला तफ़रीक़-ए-मज़हब-ओ-मिल्लत काफ़ी तादाद में किताबों की चाहत रखने वाले और सी०पी०एस० मिशन से मोहब्बत करने वाले हमारे स्टॉल पर पहुँचे और बच्चों व बड़े-बुजुर्गों के लिए किताबें हासिल कीं। इसी तरह काफ़ी तादाद में लोगों ने अपने लिए और अपने मुस्लिम या ग़ैर-मुस्लिम दोस्तों को गिफ्ट देने के लिए मुख़्तलिफ़ ज़बानों में तर्जुमा-ए-क़ुरआन भी हासिल किए।
मौलाना वहीदुद्दीन ख़ान साहब की किताबें और तर्जुमा-ए-क़ुरआन आम लोगों तक मुख़्तलिफ़ शक्लों में पहुँचाए जा रहे हैं— हार्ड कॉपी, सॉफ़्ट कॉपी, ऑडियो फ़ॉर्मेट में यूट्यूब और स्पॉटिफ़ाय जैसे प्लेटफ़ॉर्म्स पर। अंग्रेज़ी तर्जुमा-ए-क़ुरआन की ऑडियो को स्पॉटिफ़ाय और अन्य प्लेटफ़ॉर्म्स पर 4.3 मिलियन से ज़्यादा लोगों ने डाउनलोड किया है। इस ऑडियो को शॉन बैरेट (Sean Barrett) ने ख़ूबसूरत अंदाज़ में रिकॉर्ड किया है। आप भी इसे डाउनलोड कर सकते हैं।
डिक्लेरेशन
मौलाना वहीदुद्दीन ख़ान साहब ने अपनी ज़िंदगी में बहुत सारे लोगों को ख़त लिखे या उनके ख़तों के जवाब दिए हैं। जिन हज़रात के पास ये ख़त मौजूद हैं, बराहे करम उनकी फ़ोटोकॉपी या असल ख़त हमें भेजें, ताकि इन्हें हम अपने रिकॉर्ड में माहफ़ूज़ रख सकें, शुक्रिया!
तफ़्सील के लिए राब्ता क़ायम करें : 9999944119
