हज़रत आयशा सिद्दीक़ा इस्लामी इतिहास की एक महान विदुषी थीं। उन्हें पैग़म्बर मुहम्मद के साथ रहकर इस्लाम की शिक्षाओं को बहुत निकट से समझने का अवसर मिला। वे उनकी बातों को ध्यान से सुनतीं,
प्रश्न करतीं और उनके गहरे अर्थों पर विचार करतीं।
पैग़म्बर मुहम्मद के बाद अनेक लोग धार्मिक विषयों में उनसे मार्गदर्शन प्राप्त करते थे। उन्होंने कई गलतफहमियों को दूर किया और इस्लाम की मूल भावना को स्पष्ट किया। उनका जीवन ज्ञान, सादगी, उदारता और अल्लाह के प्रति समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण है।
यह पुस्तक उनके जीवन, व्यक्तित्व, ज्ञान और योगदान का सरल परिचय प्रस्तुत करती है। साथ ही यह बताती है कि सही मार्गदर्शन, निरंतर सीखने की भावना और खुले मन से विचार करने वाला व्यक्ति—चाहे वह महिला हो या पुरुष—अपने ज्ञान और आचरण से पूरे समाज के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का माध्यम बन सकता है।
